मौजूदा चैंपियन भारोत्तोलक सतीश शिवालिंगम (77 किग्रा) ने जांघ में दर्द के बावजूद 21 वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया. सतीश ने कुल 317 किग्रा (144 किग्रा+173 किग्रा) भार उठाया तथा वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से इतने आगे हो गए कि क्लीन एवं जर्क में अपने आखिरी प्रयास के लिए नहीं गए.
सतीश ने पदक वितरण समारोह के बाद कहा, ‘राष्ट्रीय चैंपियनशिप में क्लीन एवं जर्क में 194 किग्रा भार उठाने के प्रयास में मेरी जांघ में चोट लग गई थी और मुझे यहां पदक जीतने की उम्मीद नहीं थी. यह मांसपेशियों से जुड़ी समस्या है. मैं अब भी पूरी तरह फिट नहीं था, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं तब भी स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा.’
सतीश ने कहा, ‘ मैं भाग्यशाली रहा. अगर वह ( ओलिवर) उन दो प्रयास में नाकाम नहीं रहता, तो फिर मुझे उससे अधिक भार उठाना पड़ता और मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि मेरा शरीर उसकी इजाजत देता या नहीं. मैं वास्तव में काफी राहत महसूस कर रहा हूं.’
सतीश ने 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में स्नैच में 149 और क्लीन एवं जर्क में 179 किग्रा सहित कुल 328 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता. उनका स्नैच में 149 किग्रा भार अब भी खेलों का रिकॉर्ड है. प्रतियोगिता स्थल पर फिजियो नहीं होने के कारण भारोत्तोलकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सतीश राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप के मौजूदा स्वर्ण पदक विजेता भी हैं.
Source:-Aajtak
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सतीश ने पदक वितरण समारोह के बाद कहा, ‘राष्ट्रीय चैंपियनशिप में क्लीन एवं जर्क में 194 किग्रा भार उठाने के प्रयास में मेरी जांघ में चोट लग गई थी और मुझे यहां पदक जीतने की उम्मीद नहीं थी. यह मांसपेशियों से जुड़ी समस्या है. मैं अब भी पूरी तरह फिट नहीं था, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं तब भी स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा.’
सतीश ने कहा, ‘ मैं भाग्यशाली रहा. अगर वह ( ओलिवर) उन दो प्रयास में नाकाम नहीं रहता, तो फिर मुझे उससे अधिक भार उठाना पड़ता और मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि मेरा शरीर उसकी इजाजत देता या नहीं. मैं वास्तव में काफी राहत महसूस कर रहा हूं.’
सतीश ने 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में स्नैच में 149 और क्लीन एवं जर्क में 179 किग्रा सहित कुल 328 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता. उनका स्नैच में 149 किग्रा भार अब भी खेलों का रिकॉर्ड है. प्रतियोगिता स्थल पर फिजियो नहीं होने के कारण भारोत्तोलकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सतीश राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप के मौजूदा स्वर्ण पदक विजेता भी हैं.
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