नासिक: नासिक के कलेक्टर ने अपने हाथों से फावड़ा चला कर एक विधवा को शौचालय का तोहफा दिया है. कलेक्टर की इस कोशिश से पीएम मोदी के स्वच्छता मिशन को नया बल मिला है. महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर के तोरंगण गांव में शौचालय बनाने के लिए नासिक जिले के कलेक्टर बी राधाकृष्णन और सीओ मिलिंद शंभरकर ने फावड़ा चलाया है. कलेक्टर और सीओ ने ना सिर्फ ईमानदारी बल्कि मानवता की एक अनोखी मिसाल पेश की है.
नासिक जिले के तोरंगण गांव में सभी घर में शौचालय बन गए थे, लेकिन विधवा मंदाबाई जाधव को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था. जिला प्रशासन को पता चला कि मंदाबाई बेहद गरीब है और उसके घर में कोई कमाने वाला भी नहीं है. जिला कलेक्टर को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली उन्होंने खुद शौचालय बनवाने का जिम्मा संभाला.
कलेक्टर बी राधाकृष्णन चाहते तो पैसा जारी करके अपनी जिम्मेदारी से छुट्टी पा सकते थे लेकिन उन्होंने खुद इस नेक काम में श्रमदान करके समाज के सामने एक नजीर पेश की. मंदाबाई ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिला का मुखिया खुद इनका शौचालय बनाने ना सिर्फ गांव तक आएगा, बल्कि अपने हाथों से फावड़ा चलाएगा.
जिला कलेक्टर बी राधाकृष्णन और सीओ मिलिंद शंभरकर की इस कोशिश से ना सिर्फ मंदाबाई को शौचालय बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता मिशन को एक नई ताकत मिली है.
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नासिक जिले के तोरंगण गांव में सभी घर में शौचालय बन गए थे, लेकिन विधवा मंदाबाई जाधव को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था. जिला प्रशासन को पता चला कि मंदाबाई बेहद गरीब है और उसके घर में कोई कमाने वाला भी नहीं है. जिला कलेक्टर को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली उन्होंने खुद शौचालय बनवाने का जिम्मा संभाला.
कलेक्टर बी राधाकृष्णन चाहते तो पैसा जारी करके अपनी जिम्मेदारी से छुट्टी पा सकते थे लेकिन उन्होंने खुद इस नेक काम में श्रमदान करके समाज के सामने एक नजीर पेश की. मंदाबाई ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिला का मुखिया खुद इनका शौचालय बनाने ना सिर्फ गांव तक आएगा, बल्कि अपने हाथों से फावड़ा चलाएगा.
जिला कलेक्टर बी राधाकृष्णन और सीओ मिलिंद शंभरकर की इस कोशिश से ना सिर्फ मंदाबाई को शौचालय बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता मिशन को एक नई ताकत मिली है.
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