नई दिल्ली : पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर अमेरिकी सेना को बड़ी कामयाबी उस समय मिली, जब उन्होंने अपनी एक बड़ी कार्रवाई में आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सरगना मुल्ला फजलुल्लाह को ड्रोन स्ट्राइक में मार दिया. लंबे समय से आतंक का पर्याय बने इस आतंकी पर 50 लाख डॉलर का इनाम था.
मुल्ला फजलुल्लाह के मारे जाने की पुष्टि करते हुए अमेरिकी सेना ने कहा है कि 13 जून को अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर कुनार प्रांत में हमले में ये कुख्यात आतंकी मारा गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब अमेरिकी ड्रोन ने हमला किया तो फजलुल्लाह और उसके कमांडर इफ्तार पार्टी कर रहे थे. उसी दौरान अमेरिका के द्वारा ये हमला किया गया और मुल्ला उसमें ढेर हो गया.
मुल्ला के नाम कई वारदातें दर्ज हैं. लेकिन दो घटनाओं के कारण वह दहशतगर्दी के क्षेत्र में आतंक का नया पर्याय बन गया. इसमें एक घटना तब हुई, जब उसने मलाला यूसुफजई को मरवाने की कोशिश की. 2013 में वह टीटीपी का सरगना बना था. इसके अगले ही साल यानी 2014 में उसने पाकिस्तान के पेशावर स्कूल हमले की साजिश रची, जिसमें 130 बच्चों समेत 151 लोग मारे गए थे. इस पूरी घटना ने पूरी दुनिया का झकझोर कर रख दिया है.
अमेरिकी सेना की ओर से बताया कि आतंकियों के खात्मे के लिए 13 जून को पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर मौजूद कनूर पर ड्रोन हमले किए गए थे. इसी हमले में आतंकी मुल्ला फजलुल्लाह की मौत हुई. मुल्ला अमेरिकी की मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में था और उस पर करीब 50 लाख डॉलर (32.5 करोड़ रुपए) का इनाम था. फजलुल्लाह पाकिस्तान में कई खूनी हमले और साल 2010 में न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वॉयर कार बम विस्फोट की कोशिश में शामिल था.
Source:-ZEENEWS
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मुल्ला फजलुल्लाह के मारे जाने की पुष्टि करते हुए अमेरिकी सेना ने कहा है कि 13 जून को अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर कुनार प्रांत में हमले में ये कुख्यात आतंकी मारा गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब अमेरिकी ड्रोन ने हमला किया तो फजलुल्लाह और उसके कमांडर इफ्तार पार्टी कर रहे थे. उसी दौरान अमेरिका के द्वारा ये हमला किया गया और मुल्ला उसमें ढेर हो गया.
मुल्ला के नाम कई वारदातें दर्ज हैं. लेकिन दो घटनाओं के कारण वह दहशतगर्दी के क्षेत्र में आतंक का नया पर्याय बन गया. इसमें एक घटना तब हुई, जब उसने मलाला यूसुफजई को मरवाने की कोशिश की. 2013 में वह टीटीपी का सरगना बना था. इसके अगले ही साल यानी 2014 में उसने पाकिस्तान के पेशावर स्कूल हमले की साजिश रची, जिसमें 130 बच्चों समेत 151 लोग मारे गए थे. इस पूरी घटना ने पूरी दुनिया का झकझोर कर रख दिया है.
अमेरिकी सेना की ओर से बताया कि आतंकियों के खात्मे के लिए 13 जून को पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर मौजूद कनूर पर ड्रोन हमले किए गए थे. इसी हमले में आतंकी मुल्ला फजलुल्लाह की मौत हुई. मुल्ला अमेरिकी की मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में था और उस पर करीब 50 लाख डॉलर (32.5 करोड़ रुपए) का इनाम था. फजलुल्लाह पाकिस्तान में कई खूनी हमले और साल 2010 में न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वॉयर कार बम विस्फोट की कोशिश में शामिल था.
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